भारतीय संग्रहालय संघ की 75 वीं वर्षगांठ का आयोजन इलाहाबाद संग्रहालय में हुआ



 प्रयागराज: आज 15 मार्च को म्यूजियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया की डायमंड जुबली, उसकी 75 वीं वर्षगांठ पर मनाई गई . अखिल भारतीय संग्रहालय का वार्षिक अधिवेशन 2018 - 19 का आयोजन 15 मार्च से शुरू हो गया, जिसे इस बार 28 वर्षों के पश्चात पुनः इलाहाबाद संग्रहालय प्रयागराज में आयोजित किया जा रहा है. इस वार्षिक अधिवेशन का मूल विषय है- राष्ट्रवाद और संग्रहालय  रखा गया है. इस पूरे अधिवेशन में इसी बात पर विचार होना है कि संग्रहालय कैसे और किस तरह से वास्तविक राष्ट्रवाद को, जो हिंदू राष्ट्रवाद से परे हैं उसे संरक्षण प्रदान करते हुए पुष्पित और पल्लवित करने के लिए सतत प्रयत्नशील है.

इस अधिवेशन में इस बात पर अफसोस व्यक्त किया गया कि आज के युवा संग्रहालय और ऐतिहासिक स्थलों की अपेक्षा सिनेमा, मॉल, कैफे और रेस्टोरेंट में जाना ज्यादा पसंद करते हैं. युवाओं का यह रुख उनका ऐतिहासिक विरासत व संस्कृति से अलगाव, उन्हें उनके अतीत से अनभिज्ञ कर रहा है, और ऐसा माना जाता है कि जो अपने इतिहास को नहीं जानता, वह बिना जड़ वाले वृक्ष की तरह है जो हल्की सी आंधी में भी अपना अस्तित्व खो सकता है.

म्यूजियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के इस अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में मशहूर चित्रकार " जीतन दास " शिरकत कर रहे थे, जो 42 वर्षों के बाद पुनः तब के इलाहाबाद और आज के प्रयागराज में पधारे थे, जीतन दास जी ने अपने जीवन के 25 वर्ष चित्रकार को दिए और पद्म भूषण सम्मान से विभूषित हुए और 1997 में "जीडी सेंटर ऑफ आर्ट्स" की स्थापना की, जो वर्तमान में भी बड़े पैमाने पर कार्य कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिकता की अंधी दौड़ में भारतीय संस्कृति और विरासत उपेक्षित हो रहा है.


 म्यूजियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी डॉ आनंद वर्धन ने बताया कि इलाहाबाद संग्रहालय किस तरह से विभिन्न स्मृतियों को अपने आप में समेटे हुए राष्ट्रवाद को पोषित कर रहा है, उन्होंने यह भी बताया कि इलाहाबाद संग्रहालय में 10 करोड़ की लागत से आजाद गैलरी विकसित किया जा रहा है , जो आजाद और आजादी दोनों का परिचायक होगा , इस अधिवेशन में डॉक्टर सुनील गुप्ता और डॉक्टर पीके शर्मा भी मौजूद रहे.


अधिवेशन के मध्य में ही 1942 के असहयोग आंदोलन में 14 साल की उम्र से लगे स्वतंत्रता सेनानी जो कि अब 90 वर्ष के हो चुके हैं,"श्री भगवत प्रसाद भारतीय" को म्यूजियम एसोसिएशन आफ इंडिया के सेक्रेटरी डॉ आनंद वर्धन ने सम्मानित किया, लेकिन स्वतंत्रता सेनानी भगवत प्रसाद भारतीय ने सम्मान लेने से पूर्व उन्होंने बिगुल बजाया, जिसे स्वयं पंडित नेहरू के द्वारा उन्हें प्रदान किया गया था.





इस अधिवेशन में कुमार निर्मल इंदु द्वारा लिखित पुस्तक " प्रयाग और कुंभ" तथा दूसरी पुस्तक "मगधनामा" का विमोचन किया गया.






कुमार निर्मल इंदु की पुस्तक प्रयाग और कुंभ में कुंभ के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व और उसकी सत्यता का वर्णन किया गया है. कुमार निर्मल इंदु कौशांबी जिला में डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफीसर के पोस्ट पर हैं.


संग्रहालय के इस अधिवेशन में वार्षिक पत्रिका जर्नल आफ इंडिया म्यूजियम का भी विमोचन हुआ.  इलाहाबाद संग्रहालय में भी अगले दिन तक राष्ट्रवाद और संग्रहालय के विषय पर चर्चा परिचर्चा जारी है रहेगी और अधिवेशन के समापन सत्र में ही कुछ सार्थक निष्कर्ष निकलेगा जिसका सभी को प्रतीक्षा होगी.



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