अभ्युदय 2019

       
                                                      
                                                               अभ्युदय 2019
प्रयागराज: ईश्वर शरण पीजी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग केे द्वारा 26 अप्रैल 2019 को परास्नातक fresher- cum- farewell function का आयोजन अभ्युदय 2019 के नाम से किया गया, जिसमें राजनीति विज्ञान के  परास्नातक विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मंत्रोच्चार व शंखनाद के बीच  डॉक्टर शिवहर्ष सिंह, डॉक्टर अखिलेश त्रिपाठी, डॉ अखिलेश पाल के द्वारा दीप प्रज्वलन के बाद कार्यक्रम का रंगारंग शुभारंभ हुआ।

 
कार्यक्रम के शुरुआती दौर का संचालन करते हुए, कार्यक्रम केेे प्रारंभ में ही छात्र-छात्राओंं द्वारा डॉक्टर शिवहर्ष सिंह, डॉक्टर अखिलेश त्रिपाठी, डॉ अखिलेश पाल का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।



डॉ अखिलेश पाल ने शुभकामनाएं देते हुए छात्रों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक निरंतर व सतत अध्ययन की बात कही और स्पष्ट किया कि यदि सहयोग और निर्देश की आवश्यकता हो तो हम आपके साथ हर प्रकार से सहयोग के लिए खड़े रहेंगे।

डॉ अखिलेश त्रिपाठी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह विदाई दिवस जरूर है लेकिन विद्यार्थी अपने शिक्षक से कभी जुदा नहीं होता है। उन्होंने विद्यार्थियों के सुखी व सफल जीवन और भविष्य के लिए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की मंगल कामना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।

इसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ा और नंदिनी सोनकर ने "नैनों वाली ने छेड़ा मन का प्याला छलकाए मधुशाला" पर नृत्य करती हुई सबका मन मोह लिया। इसके तत्पश्चात फोर्थ सेमेस्टर के विवेक यादव ने अपनी कविता आंख चल गई..…. से सबको हंसा- हंसा कर मंत्रमुग्ध कर दिया तथा "सात समुंदर पार मैं तेरे पीछे पीछे आ गई..." पर शालिनि सिंह के नृत्य से कार्यक्रम एक बार फिर अपने परवान पर चढ गया। 
इसके बाद पुण्डरीक तिवारी ने अपनी स्वरचित कविता का पाठ किया और जाते-जाते अपनी पंक्तियां -
         "दिल धड़कता नहीं सबका सबके लिए,
           नींद सबकी चुराना बड़ी बात है,
           इश्क में डूब कर डूब जाते हैं सब,
          डूब कर पार पाना बड़ी बात है।"
इसके पश्चात सेकंड सेमेस्टर की योगिता पांडे और शालिनी जयसवाल ने नच करेंगे नचले वे यारा पर ड्यूट डांस करते हुए सबका दिल जीत लिया। इसके तुरंत बाद सेकंड सेमेस्टर के ही……. ने कुमार विश्वास की कविता - "अपने गीत गजलों से उसे पैगाम लिखता हूं", को अपने अंदाज में सुना कर खूब तालियां बटोरी और मुस्कुराने की वजह तुम हो गुनगुनाने की वजह तुम हो गाते हुए लोगों को भी गुनगुनाने पर बाध्य कर दिया।
शेफाली यादव ने जहां एक तरफ 123,456789 10 11 ,12, 13 तेरा करू गिन गिन के यार गाने पर जिस शानदार तरीके से अपने अभिनय व नृत्य की प्रतिभा को अभिव्यक्त किया वह काबिले तारीफ था और दूसरी तरफ प्रियंका उपाध्याय ने अपने अद्भुत व अद्वितीय सांस्कृतिक नृत्य की शानदार और जबरदस्त प्रस्तुति से इस अभ्युदय में मानो समां बांध दिया हो।
कार्यक्रम के अगले पड़ाव का संचालन विवेक यादव ने संभालते हुए अपनी प्रिय पंक्तियां एक फूल में दो कांटा कल के लिए बाय-बाय और आज के लिए टाटा बोले और इसी के साथ उन्होंने…... को आमंत्रित किया जिन्होंने अपनी कविता की विशेष पंक्तियां -
        "इतनी तबीयत से तुम्हे चाहने के बावजूद भी
           तुम मेरी ना हो सकी,
          लगता है कयानात ने भी मुझे धोखे दिए होंगे,
         अब तो कलेजा भी कांप उठता है, जो सोचुं कि,
         बाबू, सोना, जान, मुच्चु, और बेबी तमाम लफ़्ज़,
         अब किसी और के लिए इस्तेमाल करती होगी।"
को सुनकर लोग तालियां बजाते हुए खूब ठहाके लगाए। इसके पश्चात अभ्युदय कार्यक्रम का संचालन करते हुए विवेक यादव ने फोर्थ सेमेस्टर की स्तुति सिंह को कविता पाठ के लिए आमंत्रित किया। स्तुति ने नारीवाद पर आधारित अपनी स्वरचित कविता का पाठ करते हुए समाज में व्याप्त बेटे और बेटियों के मध्य भेदभाव पर करारा प्रहार किया जिस की कुछ पंक्तियां इस प्रकार है -      .......,      ........
 डॉ. शिवहर्ष सिंह ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लगभग सभी प्रस्तुतकर्ता ओं की प्रस्तुतियों की भी खूब तारीफ की और कहा कि पता नहीं शिवम तिवारी के मुस्कुराने की वजह क्या है लेकिन हमारे मुस्कुराने की वजह आप जरूर होंगे जब आप सब का अभ्युदय होगा आपकी सफलता का फोन आएगा। और कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हमने आपको जो पाथेय दिया वह आपके लिए आगे चलकर बहुत सहायक सिद्ध होगा।
 उन्होंने स्तुति सिंह की कविता को कोड करते हुए कहा कि बेटियां टेंशन नहीं होती बल्कि वह 10 सन के बराबर होती है अर्थात एक बेटी 10 बेटों के बराबर होती है और स्वरूप की कविता को उच्च रोमांटिक बताया और इसी कार्यक्रम में पड़ गई कविता फोन आया पर टिप्पणी करते हुए कहा कहे कि हम लोग धीरे-धीरे वृद्ध हो रहे हैं अपने विद्यार्थियों को हम आवाज देंगे यदि हमें आगे सहायता की जरूरत पड़ी तो और हम उम्मीद करते हैं कि हमारे विद्यार्थी हमारी आवाज जरूर सुनेंगे।
कार्यक्रम के संदर्भ में उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ही तमाम बच्चों में छिपी हुई प्रतिभाओं की अभिव्यक्ति हो पाती है और ऐसे अवसर प्रदान करना हम शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है।
बेहद शांत और मधुर स्वभाव की मधु भारतीय की गजल तुझसे नाराज की तारीफ करते हुए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा हमने आपको बेहतर शिक्षा देने का प्रयास किया है ताकि आप भी उड़ते हुए परिंदे बन सके और कहा-
       

 
            "परिंदों को मंजिल मिलेगी यकीनन,
               यह उनके फैले हुए पर बोलते हैं,
              अक्सर वो लोग खामोश होते हैं,
              जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं।"
 डॉ. शिवहर्ष सिंह ने अपने सभी विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि "अगर ऊंचा उठो तो इतना ऊंचा उठो की बुलंदी को भी फक्र हो, और झुको तो इतना झुको की बंदगी भी नाज करें।" और उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अहंकार का परित्याग कर विनम्रता के साथ मेहनत करते हुए आगे बढ़े विनम्र क्योंकि विनम्रता से बड़ा कोई शस्त्र नहीं है इसलिए विनम्रता आपको भी धारण करनी चाहिए और कहा कि विद्यार्थियों को कक्षा में जरूर करनी चाहिए क्योंकि शिक्षा कक्षा में ही होती है। और निश्चित रूप से आप मेहनत करेंगे तो मंजिल आपको जरूर मिलेगी और कहा
 मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते भटकते,
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं।

इसी के साथ उन्होंने अपने सभी विद्यार्थियों के अभ्युदय और सफलता की मंगल कामना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया और इसी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम के समापन सत्र में फ्रेशर, फेयरवेल और ऑलराउंडर के लिए चयनित होने वालों का नाम इस प्रकार है-
तन्मय मिश्रा मिस्टर फ्रेशर।                विवेक यादव मिस्टर फेयरवेल
शालिनी जयसवाल मिस फ्रेशर।         शिफाली यादव मिस फेयरवेल
नंदिनी सोनकर ऑल राउंडर ।           स्तुति सिंह ऑल राउंडर



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