" सबको पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं, एक नया भारत बनाएं " एक्सीड सोसायटी का विशेष अभियान
प्रयागराज: "शिक्षा ही सबसे शशक्त हथियार है,
जिससे दुनिया को बदला जा सकता है।"
“सबको पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं- एक नया भारत बनाएं । "
एक्सीड सोसायटी द्वारा - "निशुल्क शिक्षा अभियान" के अंतर्गत गरीब एवं असहाय बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है । जिसमें 5 वर्ष से 15 वर्ष तक के बच्चे सम्मिलित हैं । यह क्लास नया पुरवा बेली प्रयागराज में संचालित हो रही है! जो की 9 अप्रैल 2019 से प्रतिदिन चल रही है ! अगर आप भी गरीब बच्चो को निःशुल्क शिक्षा देना चाहते है तो आइए हमारी एक्सीड सोसायटी टीम के साथ और हमसे जुड़िये।
एक्सीड सोसाइटी द्वारा आज बच्चो को प्रतिदिन स्कूल जाने तथा प्रतिदिन पढ़ने करने के लिए प्रेरित किया गया। ये बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं, इन्ही के दम से हम अमेरिका जैसे देश को पीछे छोड़ सकते है, इन्ही के दम पर हमारा भारत फिर से सोने की चिड़िया बनेगा, हमको आपको मंदिर-मस्जिद छोडकर इन बच्चो की बात करनी चाहिए, हमको जात-पात छोड़ कर इन बच्चो की शिक्षा की बात करनी चाहिए। मंदिर-मस्जिद, जात-पात करने से हम अमेरिका और जापान को पीछे नही कर पाएंगें। ये बच्चे देश की नीव है इन्ही के दम से ईमारत शानदार हो सकती है। आओ मिल कर इन्हें सम्भाले।
शिक्षा के प्रति लोगो को जागरूक करते हुए आज बच्चो के माता-पिता तथा अभिभावकों से भी बात-चीत हुई। सभी माता-पिता तथा अभिभावकों ने अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने का संकल्प लिया। और साथ ही ये शपथ ली कि अब से हर रोज अपने बच्चों की कापियों का मूल्यांकन करूँगा की हमारे बच्चों ने आज क्या पढ़ा। आज इस मुहिम की कड़ी में बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल, रबड़, कटर निःशुल्क में बाटी गई। इस मुहीम में रचना पाण्डेय, राजीव त्रिपाठी, चन्द्र कान्त पाण्डेय, सुधीर त्रिपाठी, लवकुश मिश्रा, प्रेम चन्द्र अग्राहारी, राम ध्यान, संदीप कुमार लोगो का अमूल्य योगदान प्राप्त हो रहा है। एक्सीड सोसाइटी की तरफ से एक बार फिर आप सभी लोगो का बहुत बहुत धन्यवाद।
इस मुहिम का हिस्सा आप भी बन सकते है । अपना श्रमदान करके, या कुछ पेन, पेंसिल, कॉपी, रबड़, कटर, किताब देकर।
"आपका दान किया गया उपहार, किसी गरीब की चेहरे की मुस्कान का कारण बन सकता है।"
जो भी इस मुहिम का हिस्सा बनना चाहते हैं- संपर्क करें=9453311611
सारे बच्चे राष्ट्र धरोहर, सब की शिक्षा एक समान।
जिसकी जैसी जैसी मेधा, उसका वैसा हो सम्मान।













Comments
Post a Comment
टिप्पणी करने के लिए धन्यवाद, आपका सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
To publish your article, mail us at pktiwariyes.bharatjagaran@blogger.com