एनजीओ की सक्रियता ही उसकी सार्थकता है
प्रयागराज: यूं तो भारत के अंदर हजारों की संख्या में एनजीओ के रूप में विभिन्न संस्थाओं का पंजीकरण हुआ है जिनका उद्देश्य जनकल्याण है। पूरे भारत के विभिन्न राज्यों के विभिन्न शहरों में विभिन्न संस्थाएं काम कर रही हैं लेकिन यह सभी संस्थाएं केवल शहरी क्षेत्रों तक ही सिमट कर रह जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी सेवाएं प्रदान नहीं कर पाती हैं। ग्रामीण क्षेत्र जो कि आज भी विकास की मुख्यधारा से कटा है वहां के लोग आज भी विभिन्न संस्थाएं होते हुए भी मानव कल्याणकारी सेवाओं और योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।
विकास की मुख्यधारा से कटे हुए विभिन्न सरकारी व निजी संस्थाओं और एनजीओ की योजनाओं जनकल्याणकारी लाभ से वंचित रहने वाले तबके दलित पिछड़ा आदि को सहयोग व कल्याणकारी कार्यों से लाभान्वित होने के अवसर उपलब्ध कराकर विश्वास फाउंडेशन समस्त ग्रामीणों में विश्वास की एक नई अलख जलाई है। विश्वास फाउंडेशन शिक्षा स्वास्थ्य स्वच्छ पर्यावरण और जीवन स्तर में सुधार करने जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए संकल्पित होते हुए निरंतर जनकल्याण उन्मुख है।
विश्वास फाउंडेशन के तत्वावधान में मानवता की सेवा के लिए कल 1 नवंबर 2019 को मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर प्रयागराज के बहरिया ब्लॉक के हरिराम पट्टी उर्फ कटनई में लगाया गया। इस नेत्र परीक्षण शिविर में 400 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया और आवश्यकता अनुसार उन्हें दवा चश्मा आदि प्रदान किया गया। मोतियाबिंद जैसे घातक रोगों से पीड़ित लोग को की आंख के ऑपरेशन के लिए श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के सहयोग से जानकीकुंड चित्रकूट स्थित चिकित्सालय भेजा गया जहां पर मरीजों के रहने खाने और उनके उपचार कि लिए समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराया गया है। ऐसे तीन सौ मरीजों से भरी एंबुलेंस बस को विश्वास फाउंडेशन के अध्यक्ष ओपी मिश्र और फाउंडेशन के संस्थापक पीयूष मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व भी अक्टूबर माह में ऐसे ही लगभग डेढ़ सौ मरीजों की एक दल को उनके इलाज के लिए भेजा जा चुका था जिनका इलाज पूर्णतया सफल रहा। इसी कारण लोगों का विश्वास फाउंडेशन पर विश्वास बढ़ता जा रहा है और फाउंडेशन भी लोगों में उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार लाने के विश्वास की अलख को जलाने में सफल रहा।













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