शीत युद्ध Cold War : अर्थ, उत्पत्ति और प्रमुख घटनाएं



शीत युद्ध का दौर : शीत युद्ध का अर्थ एवं विशेषता : शीत युद्ध के साधन : शीत युद्ध को बढावा देने वाली घटना : शीत युद्ध की उदय के कारण एवं प्रभाव

* शीत युद्ध का अर्थ /शीत युद्ध किसे कहते हैं

शीत युद्ध (cold war) दो देशों के मध्य प्रतिद्वंद्विता और तनाव की स्थिति को कहते हैं। शीत युद्ध के दौरान मैदान में संघर्ष नहीं होता है।शीत युद्ध में वैचारिक घृणा, राजनीतिक अविश्वास, कूटनीतिक जोड़-तोड़, सैनिक प्रतिस्पर्धा, जासूसी (detective), मनोवैज्ञानिक युद्ध और कटुतापूर्ण संबंधों की अभिव्यक्ति होती है।

* शीत युद्ध के विशिष्ट साधन

1.प्रचार, 2.शक्ति प्रदर्शन(सैनिक व तकनीकी), 3.जासूसी, 4.कूटनीति (diplomacy), 5.कमजोर तथा अविकसित राष्ट्रों को आर्थिक व सैन्य सहायता प्रदान करना।

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शीत युद्ध शब्द का प्रथम प्रयोग दो अमेरिकियों बेनार्ड बरूच (benard Baruch) और वाल्टर लिपमैन (Walter Lipmen) ने किया था।

रेमंड एरोन (Raymond aron) :-- "यह ऐसी स्थिति थी जिसमें शांति असंभव थी और युद्ध नामुमकिन था।"

जॉन फोस्टर डलेस (john faster dulles) :-- 1950 के दशक में अमेरिकी विदेश मंत्री, शीत युद्ध को नैतिक धर्म युद्ध के रूप में परिभाषित किया, अच्छाई का बुराई के विरुद्ध संघर्ष का नाम दिया, अमेरिका को सत्यता और धर्म का प्रतीक माना, सोवियत संघ को मिथ्या और अधर्म का पक्षधर बताया। जवाहरलाल नेहरू :-- स्नायु युद्ध के रूप में पहचाना। उनका कहना था कि जनमानस निलंबित मृत्युदंड की छाया में जीवन व्यतीत कर रहा है। शीत युद्ध को गर्म युद्ध से भी भयभीत बताया।

जवाहरलाल नेहरू:-- "शीत युद्ध दो विचारधाराओं का संघर्ष न होकर दो भीमाकार दैत्यों का आपसी संघर्ष है।"

फ्लेमिंग :-- "शीत युद्ध एक ऐसा युद्ध है जो युद्ध क्षेत्र में नहीं बल्कि मनुष्य के मस्तिष्क में लड़ा जाता है तथा इसके द्वारा उनेक विचारों पर नियंत्रण स्थापित किया जाता है।"

वी एन खन्ना :-- शांति कालीन सशस्त्रास्त्र युद्ध था

* शीत युद्ध के बीज तो बोल्शेविक क्रांति (Bolshevik revolution)/अक्टूबर क्रांति 1917 से ही बो दिए थे परंतु यह चिंगारी के रूप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद याल्टा सम्मेलन (Yalta confrence) 1945 तथा NATO 1949 की स्थापना के रूप में प्रकट हुई।

* अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट शांति बनाए रखने के लिए महाशक्तियों के बीच सहयोग की आशा रखते थे। जिन्होंने यूएसए, सोवियत संघ,ब्रिटेन और चीन को चार रक्षकों (Four Policemen) के रूप में देखा।

* अमेरिका का शीत युद्ध में प्रवेश तब हुआ जब जापान द्वारा 7 दिसंबर 1941 को पर्ल हार्बर पर आक्रमण किया।

* जॉर्ज ऑरवेल (George Orwell) द्वारा प्रकाशित लेख 'यू एंड एटम बम' (U & atom bomb) मे शीत युद्ध (cold war) का नाम गढ़ा और उसने इसे परमाणु युद्ध nuclear war) के खतरे के साए में जी रही दुनिया के संदर्भ में प्रयोग किया और शांति विहीन शांति की संज्ञा दी। वाल्टर लिपमैन ने अपनी पुस्तक कोल्ड वार (Cold War) के माध्यम से इस शब्द को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के अध्ययन में लोकप्रियता प्रदान की।

* जवाहरलाल नेहरू:- "शीतयुद्ध महाशक्तियों की शक्ति का संतुलन अपने पक्ष में बनाए रखने की चीरकालिक अभिलाषा की एक नए रूप में अभिव्यक्ति था।"

* यथार्थवादी (realistic) :-- जर्मनी और जापान पराजय से मध्य यूरोप और पूर्वी एशिया में उत्पन्न हुई शून्यता के आलोक में शीत युद्ध को समझते हैं। अर्थात शून्यता की अवधारणा का प्रतिपादन किया। यथार्थवादियों द्वारा शीत युद्ध की भू राजनीतिक व्याख्या "गर्म पानी के बंदरगाह और रक्षणीय सीमाओं की तलाश में पारंपरिक रूसी विस्तार वाद का परिणाम थी।"

* द्वितीय विश्व युद्ध (1939-45) के बाद में यूएसए और सोवियत संघ रूस के बीच तनाव की स्थिति शीतयुद्ध है। शीत युद्ध के उपनाम सशस्त्र सज्जित शांति। मनोवैज्ञानिक युद्ध, विचारधारात्मक संघर्ष, सैनिक गठबंधन, स्नायु युद्ध, वाक् युद्ध।

* साम्यवादी (रूस) और पूंजीवादी (अमेरिका दो खेमों में बंट गया, परंतु कोई टकराव नहीं हुआ।

* युद्ध क्यों नहीं हुआ :- अपरोध (रोक और संतुलन) स्थिति के कारण।

नोट- अपरोध - यदि कोई देश शत्रु देश पर आक्रमण करके उसके परमाणु हथियारों को नाकाम करने की कोशिश करें तो भी उसके पास उसे बर्बाद करने लायक हथियार बच ही जाएंगे। इस तरह दोनों देशों ने ही युद्ध का खतरा नहीं उठाया।

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