सपने अपने मन के।


सोच रहा था कुछ अच्छा कर रहा हूं लेकिन आज एहसास हो गया कि जिंदगी में अब तक में कोई अच्छा काम नहीं किया मुझे  बड़ी गाड़ियां बड़ा बंगला और बड़े पैसे ना  ही मुझे किसी खूबसूरती का शौक था ना ही किसी शोहरत के लिए मैं इतना परेशान  ना मुझे किसी की चीजों को देखकर  लगता था।

       मुझे शौक था अपने सपनों के बीच खेलते-कूदते रहना मुझे शौक उन लोगों को कुछ दिखाने का जो लोग हमारी इंसानियत को जिंदा मार देते हैं हमारे अंदर भी काबिलियत थी लेकिन काबिलियत को पहचानने में कभी-कभी गलतियां हो जाती है और जब गलतियां होती है तो यह समाज हमको बेवकूफ मानता है
 मुझे शौक था मैं अपने सपनों के बीच रहूं  मैं अपने सपनों से समझौता ना करूं 
 लेकिन  आप सब अपने सपनों से कभी समझौता मत करियेगा
  विचारधाराओं से समझौता मत करिएगा।

सियाचिन की मजबूरी सैनिक ही बता सकता है 
  क्योंकि अगर आप अपने विचारधाराओं से समझौता करेंगे तो आप जहां जाएंगे वहां आपको परेशानी उठानी पड़ेगी और जब आप परेशानी उठाएंगे तो आपको बहुत से यातनाएं झेलनी पड़ेगी और जब तक आप यातनाएं झेल लेंगे तब तक और लोग आपसे कहीं और आगे निकल जाएंगे यह दुनिया फिर आपको नकारा घोषित करने की  साजिश रचने लगेगा
 और शायद यही आज की दुनिया में रह रहे लोगों की कहानी और पहचान बन गई है लेकिन कुछ  अच्छे लोग निवास कर रहे हैं इस समाज में तभी तो समाज  मानवता की  मिसाल जगा रहा
 लेकिन  अपने सपनों से कभी समझौता मत करिएगा आपके सपने आप की ताकत होंगे और आपकी ताकत ही आपको सपने तक ले जाएं ले जाएंगे विचार करिएगा लेकिन अपने विचारधाराओं से  समझौता ना करें क्योंकि यही जीवन की सच्चाई है
                      Achyutanand Mishra

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