संप्रदायिक राजनीति में लोकतांत्रिक नेताओं के कथन : एक व्यंग और सच


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●मुस्लिम साथ दे, तो हम BJP को हरा देगें
             मायावती 
(यह कथन लोकतंत्र है)
 
 ●मुसलमान और यादव को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए!
            लालू प्रसाद यादव
(यह कथन भी लोकतंत्र है)

●मुस्लिम और दलितो को एक हो जाना चाहिए !
            केजरीवाल
(यह भी लोकतंत्र है)

●मुसलमान और यादव हमारी ताकत है!
             मुलायम सिंह (यह भी लोकतंत्र है)

●मुसलमान मेरे दिल मे है! मुसलमान मेरा भाई है। इसलाम मेरी रूह है !
             ओबैसी
(यह भी लोकतंत्र है)

● मुसलमान और दलित इस देश की आत्मा मे बसे है !
              राहुल गांधी
(यह भी लोकतंत्र है)

● सिख और मुस्लिम उनको जवाब दे!
              संजय सिंह
(यह भी लोकतंत्र है)

● ईसाईयो को यह जान लेना चाहिए कि अब तक उनके साथ सिर्फ धोखा हुआ है!
        केजरीवाल (गोवा मे )
(यह भी लोकतंत्र है)
             
●मुसलमानो ने मिलकर इनकी (हिदुओं की) औकात दिखा देनी चाहिए!
            छोटा ओबैसी
(यह भी लोकतंत्र है)

●मुसलमान हमारी पार्टी की नीव है,हम इसे कैसे अलग कर सकते है ! मुसलमान ही तो हमारी ताकत है!
          आजम खान
(यह भी लोकतंत्र है)

पर भारत मे अगर कोई हिंदुत्व की बात कर दे, हिंदुओं एक हो जाओ कह दे, तो वो सांप्रदायिक है !

वह देश की जनता को भड़का रहा है,

देश मे अशांति फैलाने का प्रयास कर रहा है !

गंगा जमुनी संस्कृति में दरार पैदा कर रहा है! ..

वर्तमान परिस्थिति में हमारे देश में हिंदुत्व की बात करना सांप्रदायिकता कहलाता है !

सांप्रदायिकता व देश मे तनाव फैलाने की कोशिश माना जाता है !

बाकी कोई कुछ भी कह ले सब लोकतंत्र है !
                     जय हिंद
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तुम योग का विरोध करते हो,
वो विश्व को योग करवाता है.
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तुम अपने परिवार की मुर्तियाँ बनवाते हो,
 वो शिवाजी महाराज और पटेल की मूर्तियां बनवाता है..

.तुम हज हाउस और जुम्मे की छुट्टियाँ घोषित करते हो,
वो चार धाम को जोड़नेवाली सड़के बनवाता है..

.तुम इफ्तार की पार्टियां देते हो,
 वो राष्ट्रपति भवन मे हवन करवाता है..

.तुम तुष्टिकरण करते हो,
वो विकास की राह दिखाता है...

तुम जातिवाद फैलाते हो,
वो हिंदुत्व का स्वाभिमान जगाता है...

तुम उसकी राह मे कीचड़ फैलाते हो,
वो कीचड़ मे कमल खिलाता है....

👇🏿"तुलनात्मक अध्ययन"👇🏿

👉🏿 एक समय था कि अफगानिस्तान में बौद्ध मंदिरों को तोपों से उड़ा दिया गया था और आज वहां के राष्ट्रपति हमारे मुल्क के इतने पक्के दोस्त हैं कि हमारे देश पे आतंकवादी हमला हुआ तो उन्होंने दक्षेस सम्मलेन में पाक जाने से मना कर दिया।

👉🏿 एक समय था जब ईरान हमारी एक नहीं सुनता था, आज उन्हीने भारत को *चाबहार* बंदरगाह बनाने और ईरान में अपनी फौजें रखने की इज़ाज़त दे दी।

👉🏿 एक समय था कि नार्थ ईस्ट में terrorists हमला करके म्यांमार भाग जाते थे। आज वहां की सरकार के सहयोग से इंडियन आर्मी ने वहीँ जा के उनके terrorist camps तबाह कर दिए।

👉🏿 एक समय था जब खाड़ी देश पाक का साथ देते थे। दाऊद बरसों तक दुबई में शरण लिए रहा। आज सऊदी अरब ने दाऊद की संपत्ति ही जब्त कर ली।

👉🏿 एक समय था जब खाड़ी देश भारत को कमजोर और गरीब समझते थे, आज अचानक क्या हुआ जो उन्हीने भारत के PM के आगमन पे अपने यहाँ पहला हिन्दू मंदिर बनाने के लिए जमीन देदी।

👉🏿 आज अचानक क्या हुआ जो बुर्ज खलीफा तिरंगे में रंगा दिखने लगा।

👉🏿 आज अचानक क्या हुआ जो हमारी 26 जनवरी की परेड में UAE का फौजी दस्ता शामिल हुआ।

👉🏿 आज अचानक क्या हुआ जो भारत में इतनी हिम्मत आ गयी कि चीन के अरुणांचल के बॉर्डर में सड़कें बना ली, हवाई पट्टी बना ली, 100 मिसाइल भी तैनात  कर दिए और टैंक की डीवीजन पोस्ट कर दी।

👉🏿 आज अचानक क्या हुआ जो USA के नवनिर्वाचित प्रेजिडेंट ने सबसे पहले भारत के PM को फोन करके आभार व्यक्त किया ।

👉🏿 आज अचानक क्या हुआ जो ऑस्ट्रेलिया, इंडिया को यूरेनियम देने को राजी हो गया।

👉🏿 आज अचानक जापान ने इंडिया के साथ युद्धाभ्यास किया ।
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"तब मन ने जवाब दिया कि ये सब परिवर्तन आये मात्र ढाई साल में *नरेंद्र मोदी* के आगमन के साथ।

*प्रश्न*- क्या भारत में *नरेंद्र मोदी* के अलावा  वर्तमान नेताओं जैसे कि

लालू,
मुलायम,
अखिलेश,
सोनिया,
राहुल,
ममता,
केजरीवाल

आदि में कोई नेता है इस कैलिबर का जो इस प्रकार विश्व को झुका ले !!

इसलिए बंधुओं,
अब फैसला आपको करना है कि घर में ही युद्ध करने वाले चाहिए या घर-द्वार त्याग कर मातृभूमि को समर्पित ऐसा ओजस्वी !

हर बात लाऊडस्पीकर से नहीं बताई जा सकती |☝

तीन मित्रों को भेजकर सांस्कृतिक, धार्मिक विश्वास की सेवा करें...

🚩 🇮🇳जय हिंद..🙏जय भारत..🇮🇳🚩

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