जन्मदिन पर याद किए गए मेधा संस्थापक एवं पूर्व आईएएस स्वर्गीय लक्ष्मी कांत शुक्ला
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में अमिट छाप छोड़ने वाले मेधा संस्थापक एवं पूर्व आईएएस स्वर्गीय लक्ष्मी कांत शुक्ला जी के ६७ व जन्मदिन पर मंगलवार को कोरोना वायरस लॉक डाउन के चलते नई दिल्ली में श्री अंबरीश तिवारी ने अपने निजी आवास पर कार्यक्रम को संबोधित कर उनको याद किया गया और श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।
श्री अंबरीश तिवारी ने कहा की श्री शुक्ला की बातें को गरीबों तक पिछड़ों तक पहुंचाने में प्रचार करने में और सफल हम लोग रहे हैं। अतः हम सबको मिलकर संगठन को और मजबूत करेंगे पूरे उत्तर प्रदेश से लेकर इसे जन जन तक पहुंचाने का काम करेंगे मेधा की स्थापना क्यों की गई? यह सारी बात जन-जन तक सबको मिलकर पहचानी है। हमें एक एक व्यक्ति तक पहुंचना होगा और निरंतर संघर्ष करना होगा।
श्री अंबरीश तिवारी ने कहा की श्री शुक्ला की बातें को गरीबों तक पिछड़ों तक पहुंचाने में प्रचार करने में और सफल हम लोग रहे हैं। अतः हम सबको मिलकर संगठन को और मजबूत करेंगे पूरे उत्तर प्रदेश से लेकर इसे जन जन तक पहुंचाने का काम करेंगे मेधा की स्थापना क्यों की गई? यह सारी बात जन-जन तक सबको मिलकर पहचानी है। हमें एक एक व्यक्ति तक पहुंचना होगा और निरंतर संघर्ष करना होगा।
उत्तर प्रदेश मैं बस्ती जिले में मेधा प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने अपने आवास पर आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में छात्रों को आर्थिक आधार पर शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति की सुविधा जाति मुक्त संविधान की परिकल्पना देने वाले लक्ष्मी कांत शुक्ला का सेवाकाल में ही जाति राज पुस्तक लिखने के कारण बसपा की सरकार में उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा। उनकी किताब जातिराज तत्कालीन सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बावजूद वे डिगे नहीं। जातिगत आरक्षण के सवाल पर सड़क से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक आखिरी सांस तक लड़ते रहे। श्री डीडी तिवारी ने कहा यदि लक्ष्मीकांत शुक्ल के संकल्प सिद्धांतों का दृढ़ता से पालन पालन हो तो अनेक समस्याओं का समाधान हो जाएगा। श्री दीनानाथ तिवारी ने कहा मेधा सभी विद्यार्थियों एवं गरीबों के संकल्प को पूरा करने की दिशा में निरंतर प्रयत्नशील है। जब तक जातिगत संविधान का सपना पूरा नहीं होता संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।
कहां कि वर्ष 2017 में सामान्य और पिछड़ा वर्ग के छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति निजी शिक्षण संस्थानों एवं कुछ सरकारी शिक्षण संस्थानों में भी नहीं मिल सका है। कोरोना संकट समाप्त होने के बाद इस दिशा में निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।
बताया कि लॉक डाउन के कारण अनेक बस्ती जिले के मेधा पदाधिकारी उमेश पांडे, मुन्ना, अंकुश पांडे अंकुर पांडे, राहुल तिवारी, निलेश, अतुल तिवारी प्रवेश शुक्ला, नन्हे पाल, संजय सिंह, अनिल सिंह आदि ने अपने घरों पर पूर्व आईएस मेधा संस्थापक परगी लक्ष्मी कांत शुक्ला को उनके 67 वें जन्मदिन पर याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया।











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