डीओपीटी ने गर्भवती महिला अधिकारियों और स्टाफ के सदस्यों को कार्यालय आने से छूट दी
डीओपीटी ने गर्भवती महिला अधिकारियों और स्टाफ के सदस्यों को कार्यालय आने से छूट दी
दिव्यांगों को भी कार्यालय आने के संबंध में इसी प्रकार की छूट
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने गर्भवती महिला अधिकारियों और स्टाफ के सदस्यों को कार्यालय आने से छूट दे दी है। केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, इस आशय का एक परिपत्र (सर्कुलर) जारी किया गया है और इसके बाद विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों के साथ-साथ राज्य/संघ शासित प्रदेशों की सरकारों द्वारा इसका अनुसरण किए जाने की उम्मीद है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, गर्भवती महिला कर्मचारी जो पहले से मातृत्व अवकाश पर नहीं हैं, उन्हें भी कार्यालय में उपस्थित होने से छूट दी जाएगी। दिव्यांग व्यक्तियों को भी कार्यालय में उपस्थित होने के संबंध में इसी प्रकार की छूट दी जाएगी।
डीओपीटी द्वारा जारी किए गए नवीनतम परिपत्र में यह भी कहा गया है कि ऐसी सरकारी कर्मचारी जिसका अस्वस्थता के कारण लॉकडाउन से पहले से ही इलाज चल रहा था, जहां तक संभव होगा, उसे भी सीजीएचएस/सीएस (एमए) नियम, जो भी लागू हो, उसके अनुसार इलाज कर रहे चिकित्सक का चिकित्सा पर्चा प्रस्तुत करने पर छूट दी जाएगी।
महत्वपूर्ण यह है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग समय का सख्ती से पालनकिया जाए। अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए, सभी विभागाध्यक्षों को सलाह दी गई है कि वे समय के तीन सेट बना लें। ये क्रमशः सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक, सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक होंगे।
हालांकि उप सचिव के स्तर से ऊपर के अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे सभी कार्य दिवसों में कार्यालय में उपस्थित रहें, उप सचिव के स्तर से नीचे के अधिकारी और कर्मचारी हर वैकल्पिक दिन में 50% उपस्थिति के साथ कार्यालय आएंगे और कार्यालय में उपस्थित नहीं होने वालों को घर से काम करना चाहिए और वे टेलीफोन और इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध रहें।
डॉ.जितेंद्र सिंह ने कार्मिक मंत्रालय में कर्मचारियों की सराहना की कि उन्होंने लॉकडाउन की पूरी अवधि के दौरान पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना जारी रखा। उन्होंने कहा, वास्तव में, स्टाफ के कुछ सदस्य सप्ताहांत के दौरान भी घर से काम कर रहे थे जो आमतौर पर कार्यालयों के बंद होने पर नहीं होता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कार्यालयों में कामकाज चलता रहे, साथ ही, अधिकारियों के कल्याण और सुरक्षा की अनदेखी नहीं की जा रही है।
आभार : पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार










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