केजरीवाल ने सिक्किम को बताया स्वतंत्र और संप्रभु राज्य,
जागरण: आए दिन अपने बयानों को लेकर विवाद में रहने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर विवादों के घेरे में आ चुके हैं। उनका इस बार विवादों में आने का कारण उनके द्वारा सिक्किम को स्वतंत्र और संप्रभु राज्य बताया जाना है।
दिल्ली सरकार ने अभी हाल ही में सिविल डिफेंस कोर स्वयंसेवक की भर्ती के लिए अपनी ए डिस्टिक वेबसाइट विज्ञापन निकाला जिसमें पात्रता के नाम पर देश को विभाजित करने वाले वाक्यांशों का प्रयोग किया गया है। हम आपको बता दें कि केजरीवाल सरकार ने अपने इस विज्ञापन उम्मीदवारों की पात्रता में पहली पात्रता यह निर्धारित की है की उम्मीदवार भारत का नागरिक हो या नेपाल भूटान और सिक्किम की प्रजा हो या फिर दिल्ली का निवासी हो, जिसमें स्पष्टता दिखाई देता है कि केजरीवाल ने सिक्किम को एक स्वतंत्र और संप्रभु राज्य बताने की कोशिश की और यह भी बहुत ही स्पष्टता के साथ प्रतिबिंबित होता है कि, ऐसा एक विशेष साजिश के तहत किया गया है। जहां एक तरफ इस विज्ञापन की पात्रता में सिक्किम को भारत से अलग दिखाया गया है वही, सिक्किम को नेपाल और भूटान के साथ उल्लेख करके उसी की श्रेणी के स्वतंत्र और संप्रभु राज्य के रूप में दर्शाने का प्रयास किया है। और अपने इस राष्ट्र विरोधी कुकृत्य को द्वैध भव के आवरण से ढकने का प्रयास भी किया है। इसे द्वैध भाव आवरण प्रदान करने के पीछे भी विशेष रणनीति अपनायी गई ताकि अपनी इस साजिश को लेकर होने वाली आलोचनाओं और लगने वाले आरोपों के दौरान अपना पक्ष रख कर खुद का बचाव कर सकें। लेकिन शायद ये भूल गए थे कि देश विरुद्ध साजिश करने वाला देश के लोगों से छुप नहींं सकता।
दिल्ली सरकार ने अभी हाल ही में सिविल डिफेंस कोर स्वयंसेवक की भर्ती के लिए अपनी ए डिस्टिक वेबसाइट विज्ञापन निकाला जिसमें पात्रता के नाम पर देश को विभाजित करने वाले वाक्यांशों का प्रयोग किया गया है। हम आपको बता दें कि केजरीवाल सरकार ने अपने इस विज्ञापन उम्मीदवारों की पात्रता में पहली पात्रता यह निर्धारित की है की उम्मीदवार भारत का नागरिक हो या नेपाल भूटान और सिक्किम की प्रजा हो या फिर दिल्ली का निवासी हो, जिसमें स्पष्टता दिखाई देता है कि केजरीवाल ने सिक्किम को एक स्वतंत्र और संप्रभु राज्य बताने की कोशिश की और यह भी बहुत ही स्पष्टता के साथ प्रतिबिंबित होता है कि, ऐसा एक विशेष साजिश के तहत किया गया है। जहां एक तरफ इस विज्ञापन की पात्रता में सिक्किम को भारत से अलग दिखाया गया है वही, सिक्किम को नेपाल और भूटान के साथ उल्लेख करके उसी की श्रेणी के स्वतंत्र और संप्रभु राज्य के रूप में दर्शाने का प्रयास किया है। और अपने इस राष्ट्र विरोधी कुकृत्य को द्वैध भव के आवरण से ढकने का प्रयास भी किया है। इसे द्वैध भाव आवरण प्रदान करने के पीछे भी विशेष रणनीति अपनायी गई ताकि अपनी इस साजिश को लेकर होने वाली आलोचनाओं और लगने वाले आरोपों के दौरान अपना पक्ष रख कर खुद का बचाव कर सकें। लेकिन शायद ये भूल गए थे कि देश विरुद्ध साजिश करने वाला देश के लोगों से छुप नहींं सकता।











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