भारत इस बार चीन की कमर तोड़ के ही मानेगा
जागरण: क्या चीन भारत पर हमला करने की सोच रहा है ?
जो भी LAC पर हो रहा है वो चीन नहीं कर रहा बल्कि भारत कर रहा है । चीन तो बस वही कर रहा है जो वो आज तक करते आया है।आपको क्या लगता है कि नेवी में पिछले 6 साल में दर्जन भर से ज्यादा छोटे - बड़े - बैकअप परमाणु पनडुब्बियों सहित युद्ध पोत क्या पाकिस्तान के लिए उतारे गए हैं ? शिनूक , अपाचे बराक -8 , इजराइली टनल बम , द्रोण का जखीरा , दो टाइप की होवित्जर , ग्लोबमास्टर मिग के अपग्रेड अर्जुन काली ब्रह्मोश एन्टी सैटेलाइट आदि भयानक हथियारों को पांच साल से लगातार पाकिस्तान के लिए इकट्ठा किया जा रहा था क्या ? पूर्वोत्तर में सबसे ऊँचा पुल , सबसे लंबा पुल , एरोड्रम , सड़क , डबल गेज रेल और यहां तक कि कोविड के बीच रिकॉर्ड 1 महीने में बर्फ पिघलने से पहले और पेट्रोलिंग बढ़ने से पहले ही लद्दाख साइड में 60 टन क्षमता का पुल क्या पाकिस्तान के लिए बनाया गया है ?
मेक इन इंडिया से शुरू करके, स्वदेसी अपनाओ के नारे तक पहुँच जाना क्या पाकिस्तान से निपटने के लिए है ।
ये नया हिंदुस्तान है , बस ये एक खूटा ही पाकिस्तान के लिए काफी था फिर CDS की नियुक्ति किसलिए ? ये सारी पाकिस्तान के नाम से की गई तैयारी इसीलिए थी और इस बार चीन की कमर तोड़ के ही मानेगी सेना ... अगले साल या तो चिन लाइन देख कर चलना सीख जाएंगे नहीं तो चीन में लोकतंत्र स्थापित हो जाएगा ।
जो भी LAC पर हो रहा है वो चीन नहीं कर रहा बल्कि भारत कर रहा है । चीन तो बस वही कर रहा है जो वो आज तक करते आया है।आपको क्या लगता है कि नेवी में पिछले 6 साल में दर्जन भर से ज्यादा छोटे - बड़े - बैकअप परमाणु पनडुब्बियों सहित युद्ध पोत क्या पाकिस्तान के लिए उतारे गए हैं ? शिनूक , अपाचे बराक -8 , इजराइली टनल बम , द्रोण का जखीरा , दो टाइप की होवित्जर , ग्लोबमास्टर मिग के अपग्रेड अर्जुन काली ब्रह्मोश एन्टी सैटेलाइट आदि भयानक हथियारों को पांच साल से लगातार पाकिस्तान के लिए इकट्ठा किया जा रहा था क्या ? पूर्वोत्तर में सबसे ऊँचा पुल , सबसे लंबा पुल , एरोड्रम , सड़क , डबल गेज रेल और यहां तक कि कोविड के बीच रिकॉर्ड 1 महीने में बर्फ पिघलने से पहले और पेट्रोलिंग बढ़ने से पहले ही लद्दाख साइड में 60 टन क्षमता का पुल क्या पाकिस्तान के लिए बनाया गया है ?
मेक इन इंडिया से शुरू करके, स्वदेसी अपनाओ के नारे तक पहुँच जाना क्या पाकिस्तान से निपटने के लिए है ।
ये नया हिंदुस्तान है , बस ये एक खूटा ही पाकिस्तान के लिए काफी था फिर CDS की नियुक्ति किसलिए ? ये सारी पाकिस्तान के नाम से की गई तैयारी इसीलिए थी और इस बार चीन की कमर तोड़ के ही मानेगी सेना ... अगले साल या तो चिन लाइन देख कर चलना सीख जाएंगे नहीं तो चीन में लोकतंत्र स्थापित हो जाएगा ।











बहुत जरूरी है,
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