क्यो भारतीयों के जनमानस में यह जहर घोला की शुद्रो को शोषित किया जाता है उसे अछूत माना जाता है ?

जागरण: हमने यहाँ भीमराव अम्बेडकर के बाल्यकाल से लेकर बृद्धावस्था तक के फोटो को शेयर किया है एक भी ऐसा फोटो नही जहाँ भीमराव अम्बेडकर सूटबूट में न हो ।
भीमराव अम्बेडकर एक सम्भ्रान्त परिवार से थे उनके रहन सहन वेशभूषा तथा उनका पठनपाठन भी विश्व के धनी विद्यालयों में हुई थी यह सर्वविदित है ।
उनकी जीवनी पढ़ने से ज्ञात होता है कि वे न तो शोषित ही थे और न ही अछूत ।
यदि शोषित होते तो इतने सम्भ्रान्त कैसे होते ?
और यदि उन्हें अछूत माना जाता तो उनकी शिक्षा दीक्षा एक ब्राह्मण के सानिध्य में कैसे हुई ??
फिर ऐसा क्या हुआ कि भीमराव अम्बेडकर हिन्दू धर्म के प्रति विषवमन किया ??
क्यो भारतीयों के जनमानस में यह जहर घोला की शुद्रो को शोषित किया जाता है उसे अछूत माना जाता है ??
______________________________________________
भगवन् के चरण कहे जाने वाले शुद्र अछूत कैसे हो सकते है ??
सनातन धर्म मे तो चरणों की महत्ता ऐसी की , की भगवद् विग्रह में चरणों की ही पूजा की जाती है मुखमण्डल की नही ।
पूरा का पूरा शरीर इन्ही चरणों के बोझ पर खड़ा होता है फिर उन्हें अछूत कैसे माना जाता ??
यदि ऐसा होता तो विदुर शुद्र होते हुए भी हस्तिनापुर जैसे महान साम्राज्य का महामन्त्री कैसे बना ??
प्रश्न तो बहुतेरे है ।
______________________________________________
दर्शल ऐसा इसलिए हुआ कि जिस आयु में युवक अपने संस्कृतियो और संस्कारों के प्रति जिज्ञाशू होते है वे उसी आयु में ईसाई बहुल देश अमेरिका चले गए तब उनकी उम्र महज 22 वर्ष की थी यही वह कालखण्ड था जब भारत मे क्राइस्ट मिशनरियों द्वरा सनातन संस्कृतियो पर प्रहार किया जा रहा था यहाँ के संस्कारों के प्रति लोगो मे विषवमन किया जारहा था और धर्मांतरण की होड़ लगी थी फिर पाश्चात्य देशों में रह कर भीमराव अम्बेडकर के बिचारो में बदलाव कैसे न हो ???
अंग्रेजो ने जातिवाद का बीज इन्ही के माध्यम से बोया और भारत मे जातिवाद का फसल लहलहाने लगा ।
जिसका लाभ सभी मत पन्थो मजहबो को मिला जिसे जहां भी मौका मिला वे फसल काट (धर्मांतरण ) कर ले गए ।
और आज भी उसी फसल का बीज इस भारत भूमि में पसरा पड़ा है जब जिन्हें मौका मिला है चुन लेते है ।

Comments

Popular Posts