जय सनातन:-जय पञ्चाङ्ग
*आज का हिन्दू पंचांग* 🚩
पंचांग के अनुसार हिंदुओं के नियम
*⛅हिन्दी तिथि - अधिक अश्विन,कृष्ण,९*
⛅ *दिनांक 11 अक्टूबर 2020*
⛅ *दिन - रविवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - शरद*
⛅ *मास - अधिक अश्विन*
⛅ *पक्ष - कृष्ण*
⛅ *तिथि - नवमी शाम 05:53 तक तत्पश्चात दशमी*
⛅ *नक्षत्र - पुष्य 12 अक्टूबर रात्रि 01:19 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
⛅ *योग - सिद्ध रात्रि 10:54 तक तत्पश्चात साध्य*
⛅ *राहुकाल - शाम 04:49 से शाम 06:17 तक*
⛅ *सूर्योदय - 06:33*
⛅ *सूर्यास्त - 18:16*
⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - रविपुषयामृत योग (सूर्योदय से रात्रि 01:19 तक)*
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
*किसी की मृत्यु पर*
🔥 *अगर किसी की मृत्यु हो गई है और आप स्मशान जाते हैं तो उसकी चिता में एक रुद्राक्ष का मोती अवश्य ड़ाल दें इससे उस आत्मा को दूसरी आत्मायें अटकाती नहीं हैं उसका मार्ग सुलभ हो जाता है।*
*दरिद्रता नाश करने के लिये*
🌞 *सूर्य नारायण को प्रार्थना करें, जल चढ़ायें ।*
🥛 *चावल और गाय के दूध की खीर बनायें और सूर्य देव को भोग लगायें ।*
🍚 *इतवार को बिना नमक के भोजन करने को कहा गया है ।*
👉🏻 *ऐसा कुछ समय तक करने से दरिद्रता दूर होती है, इसमें शंका नही ।*
*आँवला अचार*
🍏 *आँवला सर्वश्रेष्ठ रसायन है | यह त्रिदोषशामक, विशेषत: पित्तशामक तथा दीर्घायुष्य, आरोग्यता, बल, ओज व शक्ति प्रदान करनेवाला है | यह मस्तिष्क व ह्रदय को ताजगी, ठंडक व शक्ति देता है | बुढापे को दूर कर चिरयौवन प्रदान करता है | इसके सेवन से स्वप्नदोष, श्वेतप्रदर की तकलीफ, चेहरे के फोड़े-फुँसी, आँखों की जलन तथा रक्ताल्पता (anaemia) दूर होती है |*
👉🏻 *वर्षभर किसी-न-किसी रूप में आँवले का सेवन अवश्य करना चाहिए पर शुक्रवार व रविवार को न करें |*










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