हमारे मोदी जी।

पूरा विपक्ष ज़लील हो रहा था कि मंदिर के शिलान्यास में हमको नहीं बुलाया और इक़बाल अंसारी को बुला लिया। 

इक़बाल अंसारी ज़लील हो रहा था कि जिनके ख़िलाफ़ वह पुश्तों से लड़ा उन्हीं की जीत में उसे नाचना पड़ेगा । 

इसे राजनीति नहीं निर्ममता कहते हैं, ऐसा करने वाला कोई कूटनीतिज्ञ नहीं कहलाता उसे बेरहम कहा जाता है।

जिसने विधानसभा का कभी मुँह तक नहीं देखा और जब घुसा तो सीधे मुख्यमंत्री बन कर।

जिसने कभी संसद की चौखट तक नहीं देखी लेकिन जब घुसा तो सीधे प्रधानमंत्री बन कर।

जिसने मामूली कारसेवक बन कर अयोध्या में कारसेवा की लेकिन फिर उस अयोध्या को पलट कर नहीं देखा... 
और जब गया तो सीधे अपना अभीष्ट पूरा करने...

कभी देखा है इससे पहले इतना ज़िद्दी इंसान ?

मोदी को प्यार करिये जितना कर सकते हों, 
मोदी से नफ़रत करिये जी भर कर लेकिन उससे भी ज़्यादा डरिये उससे।

पिछले  एक साल में उसकी आँखों में सुलगती हुई ज्वाला और छत्रपति की तरह बढ़ी हुई दाढ़ी आने वाले तूफ़ान का संकेत है, लिख कर रख लीजिये।

मोदी के पलक झपकाने के भी अपने मायने होते हैं, बेसबब यह इंसान अपनी पलक तक नहीं झपकाता।

अभी तो शुरुआत भर है... 
मोदी हमारे प्रधानमंत्री हैं यही  सोच कर गौरवान्वित हो लीजिये... 

कल को आने वाली पीढ़ियाँ आपके इस सौभाग्य की गाथा आपसे बार बार सुनना चाहेंगी.

बस जुड़े रहिये मोदीजी से...
बाक़ी का काम मोदीजी का है... 
हम और हमारा भविष्य सुरक्षित है. 

Comments

Post a Comment

टिप्पणी करने के लिए धन्यवाद, आपका सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
To publish your article, mail us at pktiwariyes.bharatjagaran@blogger.com

Popular Posts