" जिंदगी अपने दौर की"
जब कभी इंसान थक जाता है अपनी जिंदगी में थकान महसूस करने लगता
कुछ पुरानी तस्वीरें उसे साहस दे देती जिंदगी है समय का पहिया है यह एक जैसा नहीं चलता समय सबका बदलता है
कभी व्यक्ति निर्णय नहीं ले पाता स्थिति और परिस्थिति के. हिसाब से
कभी व्यक्ति निर्णय नहीं ले पाता स्थिति और परिस्थिति के. हिसाब से
और कभी निर्णय लेता है तो हो सकता है
उससे गलती हो जाती है अपनी काबिलियत को नहीं समझ पाता है
कभी उस समुंदर में उतर जाने की साहस पर कभी नदियां भी पार करने की हिम्मत नहीं होती है
" यही तो जिंदगी है"
"कुछ अधूरी ख्वाहिशें जिंदगी जीने का मजा देती"
" यही तो जिंदगी है"
"कुछ अधूरी ख्वाहिशें जिंदगी जीने का मजा देती"
जिंदगी किसी के लिए नहीं रुकती
बस "जीने की "वजह बदल जाती
और जब उसकी जिंदगी में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है तो कहता है
" कुछ रहम करे जिंदगी
थोड़ा सा सवर जाने दे
तेरा अगला जख्म भी सह लेंगे
पहला भर जाए जाने दे"
और जब कुछ कर पाने की चाहत में
तेरा अगला जख्म भी सह लेंगे
पहला भर जाए जाने दे"
और जब कुछ कर पाने की चाहत में
कुछ कर जाता है तो फिर दुनिया की नजर में कैसे अच्छा हो जाता है ते जिंदगी हर चेहरे से मिलवा देती है
" उसके सपने महान" थे कुछ कर गुजरने की चाहत थी नालायक से लायक हो जाता है"
बस यही कहते रहिए छोटी सी जिंदगी है "थोड़ा अंदाज से जी लो और थोड़ा नजरअंदाज कर दो"
जिंदगी और मौत के बीच आप कितने धनवान बन जाएं जिंदगी है साहब मौत को बताती है कि मैं तुम्हें खाली हाथ लेकर जाऊंगी
" उसके सपने महान" थे कुछ कर गुजरने की चाहत थी नालायक से लायक हो जाता है"
बस यही कहते रहिए छोटी सी जिंदगी है "थोड़ा अंदाज से जी लो और थोड़ा नजरअंदाज कर दो"
जिंदगी और मौत के बीच आप कितने धनवान बन जाएं जिंदगी है साहब मौत को बताती है कि मैं तुम्हें खाली हाथ लेकर जाऊंगी
जहां रुकी जिंदगी
वहीं गम के पल थे
समझा था अपना
पर अजनबी थे
कोई गर समझता
हमें तो क्या गम थे
दुनिया में बस अब यही दिन थे..
{अच्युतानंद मिश्रा}











Nice one
ReplyDeleteThank you so much
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