एहसास...
जागरण:
दिल धड़का नहीं तुम्हारे जाने के बाद
इस धड़कन को आसमां से
बरस कर मुकम्मलकर देना
मेरे मोहब्बत की प्यास तुम आज भी हो
नजरें उठाऊं तो तेरा दीदार
मुकम्मल हो जाए
मेरे लिए आसमां में
हर तारे का राज तुम आज भी हो
अच्युतानंद मिश्रा
7/2 बालक छात्रावास
अम्मा होने का एहसास तुम आज भी हो
उस खुदा के पास हो तुम जरूर
पर मेरे करीब आज भी हो
उस खुदा के पास तुम रहो
मेरी खुदा तुम आज भी हो
हां तुम दूर हो तो रहो
मेरी परछाई आज भी हो
मेरी यादों का जवाब
खामोशी से देते रहना
मेरी नजरों का काजल तुम आज भी हो
उस खुदा के पास हो तुम जरूर
पर मेरे करीब आज भी हो
उस खुदा के पास तुम रहो
मेरी खुदा तुम आज भी हो
हां तुम दूर हो तो रहो
मेरी परछाई आज भी हो
मेरी यादों का जवाब
खामोशी से देते रहना
मेरी नजरों का काजल तुम आज भी हो
दिल धड़का नहीं तुम्हारे जाने के बाद
इस धड़कन को आसमां से
बरस कर मुकम्मलकर देना
मेरे मोहब्बत की प्यास तुम आज भी हो
नजरें उठाऊं तो तेरा दीदार
मुकम्मल हो जाए
मेरे लिए आसमां में
हर तारे का राज तुम आज भी हो
अच्युतानंद मिश्रा
7/2 बालक छात्रावास











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