प्रथम विश्वयुद्ध कारण तथा परिणाम :
जागरण:
प्रथम विश्वयुद्ध कारण तथा परिणाम !
प्रथम विश्वयुद्ध विश्व में होने वाले प्रमुख युद्ध में से एक है इसे महान युद्ध के नाम से भी जाना जाता है।
प्रथम विश्वयुद्ध 28 जुलाई 1914 को प्रारंभ हुआ और 11 नवंबर 1918 तक चला।
इस युद्ध में जर्मनी को पराजय का सामना करना पड़ा।
प्रथम विश्व युद्ध के कारण -
1. जर्मनी की नई विस्तारवाद नीति -
1890 में जर्मनी के सम्राट विल्हेम द्वितीय ने एक अंतरराष्ट्रीय नीति शुरू की जिसके अंतर्गत जर्मनी को नई विश्व शक्ति में परिवर्तित करने के प्रयास किए गए और परिणाम स्वरूप विश्व के अन्य देशों ने जर्मनी को उभरते हुए खतरे के रूप में देखा जिससे अंतरराष्ट्रीय स्थिति बिगड़ गई।
2. परस्पर सहयोग की संधि -
यूरोप के देशों द्वारा आपसी सहयोग के लिए विभिन्न प्रकार की संधि की गई।
इस सहयोग संधि का आशय था कि यदि किसी शत्रु राष्ट्र द्वारा किसी पर आक्रमण किया जाता है तो संधि में शामिल दूसरे देश को सुरक्षा एवं सहयोग के लिए आगे आना होगा।
इस संधि के फलस्वरूप संपूर्ण यूरोप दो गुटों में विभाजित हो गया।
ट्रिपल एलायंस जर्मनी ऑस्ट्रिया हंगरी और इटली शामिल था एवं ट्रिपल एटेंटे में फ्रांस ब्रिटेन और रूस शामिल थे।
3. ऑस्ट्रिया के राजकुमा आर्क्ड्यूज़ फर्डिनेंड की हत्या -
ऑस्ट्रिया के राजकुमार के प्रथम विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण थी। ऑस्ट्रेलिया के राजकुमार आर्केड्यूज अपनी पत्नी के साथ सर्बिया घूमने गए थे जहां उन दोनों की हत्या कर दी गई जिससे ऑस्ट्रेलिया ने सर्बिया को उनकी हत्या का दोषी माना और अपनी कुछ शर्ते मानने का प्रस्ताव रखा किंतु सर्बिया ने उन प्रस्तावों को ठुकरा दिया जिससे आस्ट्रिया ने सर्बिया पर आक्रमण कर दिया।
सर्बिया के साथ हुई संधि के कारण वश रूस को भी इस युद्ध में युद्ध में शामिल होना पड़ा जिससे मित्र राष्ट्र विश्व युद्ध में सम्मिलित हो गए।
प्रथम विश्व युद्ध के परिणाम -
1. इस युद्ध मे जर्मनी की पराजय हुई और उस पर जबरन युद्ध क्षति का हर्जाना थोप दिया गया।
2. वर्साय की संधि -
प्रथम विश्व युद्ध में पराजय के पश्चात 28 जून 1919 को जर्मनी ने वर्साय की संधि पर हस्ताक्षर किए।
इस संधि के अंतर्गत जर्मनी पर युद्ध में हुई आर्थिक क्षति पूर्ति का हर्जाना लगाया गया।
और जर्मनी के सैन्य संगठन को नियंत्रित कर दिया गया और उसके विभिन्न क्षेत्रों पर अधिकार कर लिया गया ।
3. नई महा शक्तियों का उदय -
इसी युद्ध के पश्चात रूस फ्रांस और ब्रिटेन का संपूर्ण यूरोप में नई महाशक्ति के स्वरूप में उदय हुआ
4. लीग आफ नेशंस की स्थापना -
प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं संबंध स्थापित करने के लिए 10 जनवरी 1920 को लीग आफ नेशंस की स्थापना हुई।
किंतु यह संगठन अपने उद्देश्य की पूर्ति में असफल रहा और फिर से अंतरराष्ट्रीय संबंध खराब होने लगे और परिणाम स्वरूप द्वितीय विश्वयुद्ध के लक्षण बनने लगे।










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