माँ भारती के दो सपूतों बाल गंगाधर तिलक और शहीद चंद्रशेखर आजाद को आज उनके जन्मदिवस के अवसर पर एक्सीड सोसाइटी ने किया नमन
'भारत की फ़ज़ाओं को सदा याद रहूँगा
आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा" ❤️
चंद्रशेखर आजाद का शौर्य ऐसा था कि अंग्रेज भी उनके सामने नतमस्तक हो जाते थे। आजाद ने बचपन से ही आजाद भारत के विचार को जिया व चरितार्थ किया और अंतिम सांस तक आजाद रहे। उनके बलिदान ने स्वाधीनता की जो लौ जगाई वो आज हर भारतवासी के ह्रदय में देशभक्ति की अमर ज्वाला बन धधक रही है।











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