रिसर्च डिजाइन पर हुई समर स्कूल 2024 की शुरुआत
समर स्कूल में फील्ड सर्वे और प्राइमरी डेटा से संबंधित शोध की प्राविधि पर बोलते हुए समाज विज्ञानी, चुनाव विश्लेषक और राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अखिलेश पाल ने कहा कि शोधार्थी को फील्ड पर आंकड़े लेते समय वस्तुनिष्ठता का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। शोधार्थी को आंकड़े लेते समय विभिन्न प्रकार हैं के चरों को लेना चाहिए जिससे आंकड़ों में विविधता रहे। विभिन्न चरों पर आधारित आंकड़ों के विश्लेषण से शोध के व्यापक फलक का अंदाजा लगता है। डॉ. पाल ने भारतीय राजनीतिक व्यवस्था और चुनाव प्रणाली पर आधारित शोध विषयों के उदाहरणों से शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया।
समर स्कूल में बोलते हुए राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर डॉ अंकित पाठक ने कहा कि शोध का विषय शोधार्थी की अकादमिक पहचान बनाता है, इसलिए शोधार्थी को शोध विषय का चयन करते हुए अपनी रुचियों, प्राथमिकताओं और वैचारिकी का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शोध में व्यक्तिनिष्ठता के साथ साथ वस्तुनिष्ठता भी होनी चाहिए, इसलिए उचित शोध प्राविधि का पालन शोधार्थी को करना चाहिए।
समर स्कूल 2024 के अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग के नए शोधार्थियों की सिनोप्सिस की जांच पड़ताल की गई और उस पर संशोधन हेतु सुझाव दिए गए। इस अवसर पर विभाग के शोधार्थियों में क्रमशः कल्पना यादव, आमिर अंसारी, मुकेश कुमार, मनीष कुमार, गौरव कुमार, शिवम त्रिपाठी, सूरज सांघवी, शिवानी मोदी, रवि मिश्रा, कौशलेंद्र कुमार शुक्ला, अनुराग सिंह और वृजेश कुमार समेत कई शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।











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