अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : योग का महत्व

प्रयागराज : भारत के निरंतर प्रयास के पश्चात तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा की घोषणा के बाद 2014 से प्रतिवर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। और आज 21 जून 2019 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पांचवी बार संपूर्ण विश्व में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है जिसमें विश्व भर के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

दोस्तों योग शब्द का अर्थ ही होता है जोड़ अर्थात आत्मा और परमात्मा का मिलन । योग शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए तो कारगर व अत्यंत लाभकारी है ही साथ में आध्यात्मिक यात्रा में योग (YOGA) का अतुलनीय योगदान है योग , ध्यान (Meditation) हमें खुद से जोड़ता है हमें आत्मा अनुभूति का एहसास करता है और उस अनुभूति से जो योगाग्नि उत्पन्न होती है उसमें सारे पापा, भय, दुख जलकर भस्म हो जाते है।देह देवालय - शिवालय हो जाता है फिर पूरा जीवन ही एक उत्सव, अथाह आनन्द में परिवर्तित हो जाता है सारे विकर्म नष्ट हो जाते है और हमें सफलता और सकारात्मकता का वरदान मिलता है । पर दुख की बात यह है कि योग में कई प्रकार की भ्रांतियां है कभी - कभी योग और अध्यात्म को सिर्फ हिन्दुओं से जोड़ दिया जाता है जिससे योग की स्वतंत्रता और दर्शन की जबरदस्त हानि होती है साथियों साधारण सी बात है कि जो भी क्रिया मानव जाति के कल्याण के लिए हो उसमें नि:संदेह सभी को भाग लेना चाहिए हमें इस बात की गहराई को समझनी होगी की आप कितना भी आधुनिकतावादी हो जाएं और आपके पास कितनी ही धन 'दौलत, ऐश्वर्य आदि हो जाए आप संसाधनों का आनंद तबतक नहीं ले सकते जबतक आप शारीरिक एवं मानसिक रुप से पूर्णतः स्वास्थ्य एंव संतुलित नहीं होते ।


 योग का दूसरा नाम ही संतुलन है वह हमें शरीर के स्तंभों पर तो संतुलन सिखाता ही है बल्कि योग जीवन के हर क्षेत्र चाहे आप विद्यार्थी हो या करोबारी हो या राजनीतिज्ञ हो या फिर अपने जीवन के आध्यात्मिक यात्रा पर हो योग आपको जबरदस्त सफलता दे सकती है । योग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह हमारी इंद्रियों को अंतर्मुखी बनाता है और हमारी सारी शक्तियों को किसी एक विशेष बिन्दु पर एकाग्र करने में मदद करता है जिससे हम इस काबिल हो जाते है कि हम जीवन में जो भी करना चाहते है उसमें अपने मेहनत का शत् प्रतिशत दे दें। योग के अंदर वह तेज है जो आपको विश्व के शिखर में स्थापित कर रहती है योग आपको उस परम सत्य - परमानंद तक ले जा सकता है जहाँ के बाद और कोई रास्ता नहीं बचती। योग हमें हमारी खोई हुई संपदा, दौलत लौटा देती है और अपने अंदर छिपे हुए बहुमूल्य हीरे से हमारा साक्षात्कार करा देती है और फिर उसके बाद हम कंकर - पत्थरों की तरफ नहीं भागते ।
 योग वास्तव में एक यात्रा है, पूरे जीवन की वह माधुर्य भाव से भरी यात्रा जिससे हम जीवन के वास्तविक उद्देश्य को जान पाते है। क्या है जीवन का वास्तविक उद्देश्य कभी सोचा आपने ? आत्मबोध है जीवन एक एकमात्र उद्देश्य। आत्मबोध अर्थात स्वयं का बोध । खुद की पहचान ! कौन हूँ मैं ? Who Am I ? योग एक मिलन है पर मिलन आत्मा से परमात्मा का हो इसमें कुछ समय लगेंगे । लंबी यात्र है बहुत चलना होगा अनंत जन्मों से हमने कचरा पाल रखा है अपने भीतर उसे साफ करने में कुछ समय तो लगेंगे । हो सकता है वर्षों लग जाए लेकिन योग का दर्शन एक और मिलन में छिपा है जो हमारा स्वयं से मिलन होता । पहली बार हमें आत्म अनुभूति होती है हम खुद से मिलते है बड़ा प्यारा है ए मिलन..योग एक और बड़ी समस्या का हल है दोस्तों क्या अंतर होता है सफल और असफल व्यक्तियों में एक ही अंतर है सफल व्यक्ति अपनी आदतों को चलाते है और असफल व्यक्तियों को उनकी आदतें चलाती है । हमारे मिसाइलमेन अब्दुल कलाम जी कहते है कि "आप अपने भविष्य को नहीं बदल सकते लेकिन आप अपनी आदतों को जरुर बदल सकते है और निश्चित रुप से आपकी आदतें आपकी भविष्य को बदल देंगी । साथियों हमारे जीवन में कयी ऐसी आदतें होती है जो हमें सफल होने से रोकती है और योग वो चाबी है जिससे हम बुरे आदतों की तालों को हमेशा के लिए बंद कर सकते है और अच्छी आदतों के तालों को हमेशा के लिए खोल सकते है इसलिए आप 21 June Yoga Day को एक संकल्प लें कि 24 घंटे में एक घंटा जरुर योगा करिएगा और स्वयं का आध्यात्मिक विकास करिएगा....धन्यवाद दोस्तों...

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